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लेखनी प्रतियोगिता -06-Apr-2023 उनका आखिरी खत



                               उनका आखिरी खत

           "मम्मी यह कागज कैसा है ? जिसको आपने आज तक सम्भाल कर रखा हुआ है ? मम्मी मैने जब भी इस कागज को आपके हाथ में देखा तब आप ना जाने कौनसी दुनियां मे खो जाती हो ? मै आवाज देता रहता हूँ और आप मेरी बात ही नहीं सुनती हो। और न आपने आज तक इस खत के बिषय में बताया। हमेशा यह बोल देती हो कि बक्त आने पर बताऊँगी? आज तो आपको बतानाही होगा। " अन्तिम ने अपनी मम्मी से पूछा।

     "हाँ बेटा आज वह समय आगया है । आज मैं तुम्हें इस खत का रहस्य  अवश्य बताऊँगी। यह कागज नही यह तुम्हारे पापा का आखिरी खत है। " इतना कहकर अंजली पुरानी याद में खोगयी।
     
         डोर बैल की आवाज सुनकर अंजली ने दरवाजा खोला ।तब बाहर पोस्टमैन  खत लेकर बाहर खडा़ था। अंजली खत लेकर देखने लगी तो पाया खत संतोष का था।

       अंजली ने थल्दी से खत खोरा और उसे पढ़ने लगी।

        खत में लिखा था

     अंजली
                शायद  यह मेरा आखिरी खत भी होसकता है। मुझे यदि कुछ होजाय तब तुम मुझे भुलाकर अपना घर अवश्य बसालेना। हम फौजियौ की जिन्दगी का कोई नही पता। यहाँ बहुत ही भयंकर लडा़ई छिड़चुकी है। मुझै भी कल सीमा पर जाना है।

      तुम मेरा यह पत्र पढ़कर फाड़ देना क्यौकि यदि यह पत्र किसी के हाथ लग गया तब वह क्या क्या सोचेगा। जब तक यह खत तुम्हारे पास पहुँचेगा मालूम नही क्या होगा ?  हम भारत माँ  के लिए जीते है और मरते हैं।

         मेरे पास अधिक लिखने के लिए समय नहीं हैं क्यौकि मुझे अपने शाथियौ के साथ अभी निकलना है।

                       संतोष

           अंजली खत को पढ़कर सोचने लगी कि इन साहब को कौन समझाये कि मै शादी कैसे करसकती हूँ मै तुम्हारे बच्चे की माँ बनने वाली हूँ। और यह कह रहे कि तू अपना घर बसालेना।

           इसके दो दिन बाद ही संतोष के शहीद होने की खबर पूरे गाँव में फैलगयी। जब यह खबर अंजली ने सुनी तब उसका बुरा हाल था। वह तो सबके सामने खुलकर रो भी नही सकती थी।

        वह चुपके से घर के अंदर रोने लगी तब उसकी मम्मी को कुछ शक हुआ और उन्होंने पूछा तब अंजली ने अपनी मम्मी के कन्धे से लगकर रोते हुए सब सच बता दिया और यह भी कह दिया कि वह  शादी नही करेगी। वह संतोष की विधवा बनकर रहेगी।

        अंजली की जिद के आगे उनको झुकना पडा़ और उन्होने  अपना ट्रान्सफर दिल्ली करवा लिया।

      अंजली अपने मम्मी पापा की इकलौती सन्तान थी। उसका संतोष से प्यार होगया था । अंजली के पापा बैक में मैनेजर थे। एक बार अंजली व संतोष ने  बहक कर  सम्बन्ध बनालिए। और वह संतोष के बच्चे की माँ बनने वाली होगयी । लेकिन संतोष को अभी इसकी खबर नही थी। क्यौकि वह इस घटना के कुछ दिन बाद अपनी ड्यूटी पर चला गया था।

      संतोष फौज में सिपाही था।  संतोष की ड्यूटी कश्मीर  बार्डर पर थी।  उसी समय पाकिस्तान के साथ युद्ध छिड़गया। और संतोष वहाँ शहीद होगया। शहीद होने से पहले  उसने आखिरी खत लिखा था। 

      उसके बाद अंजली ने बच्चे को जन्म दिया। उसको पालकर बडा़ किया और उसे बडा़ अफसर बनाया।

      आज अन्तिम  अफसर बनकर जब घर आया तब अंजली ने उसे सब कहानी बताई और यह भी  बताया कि मै आज तकतुझसे झूठ बोलती रही थी।

         आज अन्तिम को अपनी मम्मी के त्याग पर गर्व महसूस होरहा था। उसकी माँ ने प्यार की बहुत बडी़ कीक्षत चुकाई थी।

आज की दैनिक प्रतियोगिता हेतु रचना।
नरेश शर्मा " पचौरी"
  

                

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6 Comments

Seema Priyadarshini sahay

10-Apr-2023 04:41 PM

बढ़िया

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madhura

07-Apr-2023 03:10 PM

v nice sir but jb aap khadi payee lagate ho ka mtlb aap ka sentence complete hua but aap kewal ye dhyan de ki jaise aur shbd likhte ho to usse pahle aap khdipayee na lagaye. baki sb badhiya likha he aapne

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बेहतरीन 👌

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